सोमवार, 1 मार्च 2010

ब्लोगरी होली

ब्लोगरी  होली 



''होली का दिन, और घर में! वह भी छत पे!'' यकायक आई हुई इस  आवाज़ पर मैं चौंका, देखा तो अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ बन्दर मियाँ मौजूद थे. मियाँ इसलिए की अब उसके भी दाढ़ी दिखी, शायद मुझसे प्रेरणा लेकर! [ये ब्लॉग जगत से जुड़े हुए लोग प्रेरणा बहुत जल्दी ले लेते है, किसी ने कोई ''शब्द'' लिखा तो पकड़ लिया और घसीट दी कलम  {sorry, दबादी कुंजियाँ}.

मै:- अरे मियाँ , आज बहुत दिनों बाद !

बन्दर:- गाली क्यों दे रहे है, दाढ़ी तो बाला साहेब भी रखे है.

मै:- ख़ैर छोड़ो, आज तो अलग मूड ही में हो, कुछ झगडा-बगड़ा तो नहीं किये ना?

बन्दर:- ना, बल्कि आज हम आप संग होली खेलने आया हूँ.

मैं:- कैसे?  न रंग लाये हो न गुलाल.

बन्दर:- अब इसकी ज़रूरत न रही, अब ब्लॉग जगत में लेखो से होली खेली जा रही है, हम भी लिख दिये है एक लेखवा ...आप पर!

मै:- हम पर! क्या लिख दिया है भाई, फजीहत मत करवाना.

बन्दर :- कुछ नहीं , बस  bio-data  दे दिया है, विझापन तो बहुत महंगे हो गए है....अब अपनी ब्लॉग साईट से अच्छी जगह क्या होगी मुफ्त प्रचार की? बस अब मै चला , बंदरिया बिन रंग के ही लाल हो रही होगी, आप तो इस साईट पर पढ़ लेना...
http://chautha-bandar.blogspot.com....बुरा न मानना होली है....
                                                          Bio-Data

नाम:-  श्री मंसूर अली हाश्मी
उम्र:-   सिफ ३५ वर्ष [emergency के  पश्चात की, पिछली भुला गयी है]]
वैवाहिक स्थिति:- केवल one fourth occupied [ ३ की गुंजाइश और] *
कारोबार:-  'कार'से .... बाहर घूमने का बेहद शौक
Hobbies:-  ब्लॉग पढना, टिप्पणी दे कर उस पर टिप्पणी की प्रतीक्षा करना, ब्लॉग लिखना [बल्कि शब्दों से खिलवाड़ करना], swimming [यानी तैरने मिले  तब   ही नहाना]
योग्यता:- बी. काम [यानि बिना काम के], अदीब [रदीफ़ -काफ्ये तक] , pharmacist, आयुर्वेदाचार्य              [कृपया R1 h1 के मरीज़ न मिले]
सोशल स्तातस:-  सौ 'सल' वाला व्यक्तित्व [ सबसे अधिक कपाल पर]
परिवार :- ४ बेटे, ४ बहू, ३ पोते-पोती [सभी बाहर], एक अदद पत्नी [चार के बराबर]*
विझापन का उद्देश्य:- कृपया  stars  [ * ] पर नज़र डाले #

#संगीता पूरी जी भी स्टारस  से मार्ग दर्शन लेती है.

holi ki badhaaiyaan shubh kaamnaao sahit.

-mansoor ali hashmi